आज के ही दिन परम असहिष्णु कृष्ण ने घोर सहिष्णु नरकासुर का असंवैधानिक वध करके उसके संवैधानिक हरम से 16000 कन्याओं को मुक्ति दिलाई थी… इस असहिष्णुता पूर्ण घटना को भारत का सनातन असहिष्णु समाज नरक चतुर्दशी के रूप में मनाता है… इसी दिन सूरज तक को निगल जाने वाले और लंका को जलाने वाले परम असहिष्णु अंजनिपुत्र हनुमान का जन्म भी हुआ था…
सहिष्णुता पर असहिष्णुता की विजय का प्रतीक विजयदशमी हम पिछले महीने मना चुके हैं, जिस दिन असहिष्णुता-पुरुषोत्तम राम ने त्रेतायुग के परम प्रगतिशील बुद्धिजीवी लंकापति रावण की दुर्गति करके वध कर दिया था… राम अपनी रियासत अयोध्या वापस लौटकर दीपावली के दिन सत्तारूढ़ हुए थे… मुल्क़ के सनातन असहिष्णु लोग भाई भरत को सत्ताच्युत करके स्वयं सत्तारूढ़ होने के राम के इस असहिष्णुतापूर्ण कृत्य पर इस दिन दिया जलाकर दीपावली जैसा खतरनाक त्यौहार मनाते हैं… इस दिन वे मासूम अँधेरे को बलशाली प्रकाश के प्रहार से पराजित करने का असहिष्णुता पूर्ण कृत्य भी करते हैं… इस दिन सारे असहिष्णु लोग पूंजीवाद का समर्थन करते हुए पूँजीवाद की देवी महालक्ष्मी का पूजन भी करते हैं… बढ़ती असहिष्णुता के तहत अति विस्फोटक ध्वनियों वाले नाना प्रकार के पटाखे दगाकर अधिकाधिक असहिष्णुता प्रदर्शित करते हैं…
उसके अगले दिन गोवर्धन पूजा वाले दिन परम असहिष्णु कृष्ण ने स्वर्ग के राष्ट्राध्यक्ष इंद्र के प्रति असहिष्णुता दिखाते हुए गोवर्धन पर्वत उठा लिया था… इस दिन मुल्क के तमाम असहिष्णु लोग गाय जैसे खतरनाक दंगाई जानवर की भी पूजा करते हैं… उसके अगले दिन भाईदूज को असहिष्णु बहनें सहिष्णुराज यम से रक्षा के लिए अपने असहिष्णु भाइयों के माथे पर टीका लगाकर और मिठाई खिलाकर उनकी लम्बी उम्र की कामना करती हैं… कुल मिलाकर इस पूरे हफ़्ते मुल्क के ज़ाहिल असहिष्णु तमाम तरह से असहिष्णुता फैलाकर सहिष्णुता पर आघात करते हैं… ख़ैर, सभी मित्रों को दीपावली के पावन पर्व पर इस ज़ाहिल असहिष्णु की और से हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनायें… #संतासुर

प्रभुवर लंबे अंतराल के पश्चात् आपका ब्लॉग पढ़ने को मिला बहुत अच्छा लगा।
ReplyDeleteनियमित संतासुर प्रेरणा दायक होता है आभार।👍
भाई, हौसला अफ़ज़ाई के लिए आभार और धन्यवाद। अभी तो दुबारा बिस्मिल्लाह किया है। कुछ गंभीर लिखने का मौका लग नहीं रहा है। फिर भी इसे सार्थक बनाने का प्रयास करूँगा।
Delete🙏🏽🙏🏽🙏🏽 शुभम करोति कल्याणम,
ReplyDeleteअरोग्यम धन संपदा,
शत्रु-बुद्धि विनाशायः,
दीपःज्योति नमोस्तुते !
आपको सपरिवार धनतेरस, दिवाली, गोवर्धन पूजा, भाईदूज एवं छठ पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं। दीपोत्सव आपके जीवन को सुख, समृद्धि, शांति, सौहार्द एवं अपार खुशियों की रोशनी से जग-मग करे.
--इन्द्रमणि मिश्र अध्यक्ष लखनऊ डिवीज़न कोआपरेटिव सोसाइटी।
शुक्रिया भाई, आपको भी ढेर सारी बधाइयाँ और हार्दिक शुभकामनायें…
DeleteToo good :-)
ReplyDeleteThanks Ambuj...
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