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Thursday, January 1, 2015

➽ कोई आडम्बर नहीं, इसलिए नया साल कैंसिल… पिछले साल वाली बधाई रिपीट करता हूँ…

             आज पहली जनवरी 2015 को अपनी महान लोकप्रिय यूपी सरकार की भावनाओं का सम्मान करते हुए "पीके" की शिक्षाओं पर अमल करना शुरू… महान चिंतक-दार्शनिक महानतम समाज सुधारक श्री श्री एक बटे आठ महर्षि राजू हिरानी, महान दानी विधुर विनोद चोपड़ा और महान पैगम्बर मौलाना आमिर रसूल जी की समाज-सुधारक शिक्षाओं को ग्रहण करते हुए आज से सारे आडम्बर खत्म करने का प्रयास करूँगा…

                 ये नए साल का जश्न मनाने में ऊर्जा और रुपये फूंकना महज एक आडम्बर है… नए साल की बधाई देने में पूरे देश में बेवजह ढेरों ऊर्जा, समय और संसाधनों की बर्बादी होती है… जबकि उस ऊर्जा और संसाधनों से उतने समय में देश के गरीबों के लिए कुछ नहीं तो विलाप तो किया ही जा सकता है… वैसे भी नया साल किसी धर्म विशेष से जुड़ा है, और धर्म तो अफीम है…  इसलिए नया साल कैंसिल…

                  नए साल के नाम पर लोग जितनी दारू पी जाते हैं उसे अगर गरीबों में तक़सीम कर दिया जाए तो देश के सारे गरीब साल भर गरीबी में पी-पीकर जी लेंगे… सुना है नए साल के आडम्बर पर मुनि श्री हिरानी जी पुन: एक भारी बजट की फिल्म बना कर बिना ट्रांज़िस्टर आमिर रसूल जी से समाज सुधार करवाएंगे… फिल्म की शूटिंग इटावा में होगी…

               हर वर्ष नया साल एक ही ख़ास महीने की एक ही ख़ास तारीख को मनाना समाज के अन्य महीनों और तारीखों के साथ पक्षपात है… जनवरी के अलावा बाकी 11 महीनों और एक के अलावा बाकी तारीखों ने आखिर किसी का क्या बिगाड़ा है…? भाई वाह, हर वर्ष और हमेशा एक जनवरी दूल्हा और बाकी तारीखें बाराती…? घनघोर पक्षपात और आडम्बर…? और फिर नए के चक्कर में उस पुराने साल को कैसे धोखा दे दूँ, जो पूरे 365 दिन हमारे साथ रहा… ओल्ड इज़ गोल्ड यार…  अब से कोई आडम्बर नहीं, इसलिए नया साल कैंसिल… सभी मित्रों को पिछले साल वाली बधाई रिपीट करता हूँ…  #‎संतासुर  

#‎संतासुर‬

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